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कभी कभी हम छोटे कदमों से ख़ुशियों की तरफ बढ़ते हैं

ख़ुशियाँ ऐसी चीज़ हैं जो हर कोई अपनी ज़िंदगी में पाना चाहता है। वे लोग जो बुरे विवाह में हैं; उनके लिए इससे बाहर निकलना ही ख़ुशियाँ हैं, वे लोग जो अपने व्यवसाय से ख़ुश नहीं हैं, अपनी जॉब में लाए गए छोटे परिवर्तन के द्वारा ख़ुशियाँ महसूस कर सकते हैं और वे लोग जो आमतौर पर अपनी ज़िंदगी से नाख़ुश हैं; उनके लिए पहाड़ों पर जाने का ट्रिप काफ़ी ज़्यादा ख़ुशियाँ ला सकता है।


बदलाव चाहे कितना भी छोटा हो, खुशियां हमेशा तलाशी जा सकती हैं।

मैं यक़ीन से कह सकता हूँ कि हमारे कुछ दिन ऐसे होते हैं जिनके बारे में हम महसूस करते हैं कि हमारी ज़िंदगी में अच्छे दिनों से ज़्यादा बुरे दिन हैं। मेरे पास भी कुछ ऐसे ही दिन थे जब मैं सोचता था कि हर एक चीज़ नीचे की ओर जा रही है अर्थात बुरी हो रही है और अब आशा की कोई किरण नहीं बची है। ये उन दिनों की बात है जब मैं ज़्यादातर खुशियों की तलाश में लगा रहता था।

मैं सोचता, किसी दिन मैं कुछ बड़ा प्रयास करूँगा,बड़े प्लान जैसे कि फ्रेंड्स के साथ रोड ट्रिप पर निकल जाना ताकि अपनी उदास तबियत को थोड़ा सा मनाया जा सके और वहीं दूसरी ओर ये सोचता कि, मैं छोटी चीज़ें करने का प्रयास करूँगा जैसे कि अपने फ़ेवरेट कॉफ़ी शॉप या लाइब्रेरी जाने का ट्रिप बनाऊंगा। मैंने ये पक्का इरादा कर लिया था कि मैं ख़ुद को ख़ुश करने के लिए कुछ भी करूँगा।

तो हम खुशियाँ कैसे और कहाँ पा सकते हैं? कुछ लोगों को अपने अंदर ही खुशियाँ मिल जाती हैं जबकि दूसरे लोग परिवार, दोस्तों और यहाँ तक कि भौतिक चीज़ों में खुशियाँ ढूँढ लेते हैं। कुछ चीज़ें हैं जिनको करके मैं ख़ुद को ख़ुश और ज़िंदगी से जुड़ा हुआ रखता हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि ये चीज़ें आपकी भी मदद करेंगीं।


अपने जीवन को साधारण बनायें और लाएँ ख़ुशियाँ

मेरे विचार से ये सबसे आसान और साधारण तरीक़ों में से एक है जिसके ज़रिए आप खुशियाँ और जीवन का अर्थ पा सकते हैं। प्रारंभिक तौर पर मैंने इसे करने की कोशिश बुलेट जनरल के साथ की।अंत में मैं इस बात पर आकर रुका कि मेरी प्रत्येक दिन की दिनचर्या वाली लिस्ट में 10 अलग अलग तरह की चीज़ें थीं और क्योंकि करने के लिए बहुत कुछ था, अतः मैंने ये सोचा कि मैं कुछ चीज़ों को ख़त्म नहीं करूँगा या कुछ चीज़ों को अधूरा ही छोड़ दूँगा।

ऐसा करके मुझे सच में बहुत बुरा महसूस होगा। लेकिन मैंने जल्द ही ये सीखा कि मुझे अपनी लिस्ट को अपने दिन के अनुसार थोड़ा सा और मेंटेन करना होगा और इसमें असल ज़िंदगी में की जाने वाली चीज़ों को जोड़ना होगा। मैंने ये सुनिश्चित कर लिया कि मैं इसमें सौ चीज़ों को जोड़कर अव्यवस्था नहीं फैलाऊँगा और इसमें पाँच ऐसी बड़ी चीज़ें रखूँगा जिनको मैं दिन में करना चाहता हूँ। याद रखिए कि चीन की महान दीवार एक दिन में ही नहीं बना ली गई थी।

हममें से ज़्यादातर लोग अपना समय इस चीज़ पर ज़्यादा बिताते हैं कि दिन के लिए दिए गए कार्यों में से कौन से कार्य पूर्ण होने को बचे हैं और इसी के चलते हम इन चीज़ों को ख़त्म करने के लिए अपना पूरा प्रयास नहीं देते हैं। नतीजा ये होता है कि हम अपने काम को सही ढंग से नहीं कर पाते हैं जिसके कारण अक्सर हमें यूनिवर्सटी या कार्यस्थल पर लोगों के द्वारा आलोचनाओं को झेलना पड़ता है। इसलिए अपने काम को एक सीमा में रखें और ये सुनिश्चित कर लें कि आप इस पर पूरा ध्यान देंगे। दिन के आख़िर में ये आपको काफ़ी ज़्यादा संतुष्टि महसूस करवाएगा।


सोशल मीडिया पर बिताए गए समय का ब्यौरा रखें

मेरे अनुसार तो अपने आपको ख़ुश रखने का सबसे महत्वपूर्ण तरीक़ा यही है। व्यक्तिगत रूप से मेरा यही विचार है कि सोशल मीडिया लोगों को फ़ायदा पहुँचाने से ज़्यादा उन्हें नुक़सान पहुँचाती है। मेरे कहने का मतलब ये है कि ज़रा सोचिए कि आज एक दूसरे पर छींटाकशी करना और उनको ट्रॉल करना कितना बढ़ है। इनमें से कोई भी चीज़ किसी के लिए कोई ख़ुशी नहीं लाती है लेकिन अगर लोग ख़ुश होते भी हैं तो वे थोड़े समय के लिए ही होते हैं।

मुझे याद है कि जब फ़ेसबुक पहली बार आया था तो मैं इस पर घंटो बिताया करता था। वर्षों बाद मुझे यह एहसास होने लगा कि ये मुझे मेरी ज़िंदगी से नाख़ुश और दुखी बनाता जा रहा है। इसलिए मैं सोशल मीडिया से दूर हटा और अपना ज़्यादातर समय दोस्तों से मिलने और उनके साथ वॉक करने में बिताने लगा और मैंने पाया कि ये चीज़ मेरे लिए और ज़्यादा ख़ुशी और संतुष्टि लेकर आई।


ख़ुद का ख़याल रखकर लायें ख़ुशियाँ

आप इस बात का टैटू अपनी बाँह पर बनवा सकते हैं लेकिन आपको ये सुनहरा नियम याद रखना चाहिए और अपने जीवन में प्रत्येक दिन इसका पालन करना चाहिए। आपको ये सुनिश्चित करना चाहिए कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हैं, व्यायाम करते हैं, सही प्रकार का भोजन करते हैं और आप अपनी तबियत का ख़याल रखते हैं। असंतुलित आहार, नींद की कमी और पानी की कमी मूड स्विंग की समस्या का कारण बन सकते हैं और ये सम्पूर्ण सेहत को भी प्रभावित करते हैं।

इसलिए हमेशा याद रखें कि संतुष्टि और ख़ुशियां तभी आती हैं जबकि आप अंदर और बाहर दोनों ही तरीक़ों से ख़ुश होते हैं इसलिए आपको ये सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपने सही प्रकार से भोजन लिया है और पर्याप्त मात्रा में आराम किया है।


चीज़ों को एक्सेप्ट करना और उनसे उबरना सीखें

हम सभी उस समय बहुत दुःखी महसूस करते हैं जबकि चीज़ें उस तरह से नहीं होती हैं जिस तरह से उनके होने की आशा की जाती है। मुझे याद है कि मैं उस समय बहुत ज़्यादा अपसेट महसूस करता था जबकि मैं एग्ज़ाम में A+ लाने के लिए मेहनत करता था लेकिन मेरा ग्रेड A+ ना आकर B आता था। उस समय जब मैं प्रमोशन के लिए बहुत मेहनत करता था लेकिन मेरे बजाय मेरे कलीग का प्रमोशन हो जाता था।

ऐसी बहुत सी चीज़ें हैं जो कि हमें दुखी महसूस कराती हैं और किसी चीज़ को पाने के लिए हमारे प्रयास करने की इच्छा को भी ख़त्म करती हैं। लेकिन हमें ये समझना चाहिए कि ये सब जीवन के अभिन्न अंग हैं और जितनी जल्दी हम इन्हें एक्सेप्ट कर लेंगे उतनी ही जल्दी हम इनको भुलाने में भी सफल होंगे और हम अगले टास्क को करने में अपना सौ प्रतिशत भी दे सकेंगे। यदि हम इस बात को अच्छे समझ लें तो ख़ुशियाँ अपनेआप आ जाएँगीं।

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