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लॉंग वीकेंड हेतु भारत में स्थित 10 लाजवाब ट्रैकिंग स्थल

लंबा वीकेंड एक ऐसी चीज़ है जिसका सभी लोग उत्साह से इंतज़ार करते हैं। एडवेंचर की चाहत रखने वाले कुछ लोग लंबे वीकेंड को पाने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ते हैं और अपना ट्रिप प्लान कर लेते हैं। वास्तव में हम ये कह सकते हैं कि लंबा वीकेंड एक अफ़वाह से ज़्यादा कुछ नहीं है जो तेज़ी से बिना समय गंवाए फैल जाती है। हर बार जब नए साल का कैलेंडर उपलब्ध होता है, तो सबसे पहली और ज़रूरी चीज़ जो लोग करते हैं वो ये होती है कि वे लंबे वीकेंड के बारे में जाँच पड़ताल करते हैं।

अपनी व्यक्तिगत पसंद के चलते लोग, लंबे वीकेंड पर अपना मनपसंद शो देखने का प्लान बनाते हैं, या फिर वे दोस्तों के साथ आउटिंग पर जाना चाहते हैं। इसलिए, वे लोग जो लंबे वीकेंड पर किसी एडवेंचरस ट्रिप को प्लान करना चाहते हैं, उनके लिए इस लेख में हम भारत के सब से एडवेंचरस ट्रैक्स को सूचीबद्ध करेंगे।


चोपटा चंद्रशिला ट्रैक, उत्तराखंड

हिमालय की बहुत सी चोटियाँ जैसे नंदादेवी, चौखम्भा, त्रिशूल आदि के लाजवाब दृश्यों को इस ट्रैक के अंत में देखना एक ऐसी चीज़ है जो इस ट्रैक को काफ़ी अलग बनाता है। चौपटा वैली ओक और देवदार के लाजवाब जंगलों से घिरा हुआ है जो कि 2,680 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। ये जंगल वास्तव में इस ट्रैक की ख़ूबसूरती में चार चाँद लगाते हैं।


 

बिनसार ट्रैक, उत्तराखंड

ट्रैक्स को वैसे भी काफ़ी थका देने वाली चीज़ समझा जाता है। इसलिए वे सभी लोग जो अपने लॉन्ग वीकेंड पर ट्रैकिंग की योजना बनाते हैं, उन्हें ख़ुद को इस बात के लिए तैयार करना होता है कि वे हद से ज़्यादा थक जाएंगे। हालाँकि बिनसार उद्यान (सेंक्चुरी) से लेकर जागेश्वर ट्रैक तक आप ये पाएंगे कि उपरोक्त कही गई बात इसके लिए सच नहीं है। ये बिनसार उद्यान से प्रारम्भ होता है और ख़ूबसूरत जंगलों और छोटी नदियों के सुंदर दृश्यों से होता हुआ गुज़ारता है, अपनी यात्रा के दौरान आप जागेश्वर के बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों के दर्शन करेंगे।


 

करेरी झील ट्रैक, हिमाचल प्रदेश

करेरी झील भारत की सबसे ख़ूबसूरत बर्फ़ीली नदियों में से एक है। ये धौलन्धर श्रृंखलाओं के बीच स्थित है, हालाँकि, ट्रैक केवल धर्मशाला से ही प्रारंभ होता है। संपूर्ण ट्रैक घास चरते हुए भेड़ों और घने जंगलों से घिरा हुआ है और ये एक कारण भी है कि इस ट्रैक को प्रकृति प्रेमी काफ़ी ज़्यादा तरजीह देते हैं।


 

नाग तिब्बा ट्रैक, उत्तराखंड

ये ट्रैक लगभग 10,000 फ़ीट की ऊँचाई पर स्थित है। ये ट्रैक काफ़ी समतल है और इस वजह से इसकी चढ़ाई करना काफ़ी आसान होता है अतः जो लोग पहली बार ट्रैकिंग पर जा रहे हैं उनके लिए ये काफ़ी सूटेबल ट्रैक है। ट्रैक की शुरुआत देहरादून या मसूरी से होती है जो कि शान्तिपूर्ण ओक के जंगलों की सुंदरता को प्रस्तुत करते हैं।


 

त्रिउंड ट्रैक, हिमाचल प्रदेश

बीते कुछ समय में त्रिउंड ट्रैक थोड़ा ऊँचा हो गया है। इस ट्रैक पर जाने की प्लानिंग का सबसे उत्तम समय मार्च से मई या फिर सितंबर से दिसंबर के बीच है। यहाँ का वातावरण सर्दियों के मौसम में काफ़ी ठंडा होता है और टेम्परेचर भी काफ़ी नीचे चला जाता है, लेकिन, बर्फ़ से ढके हुए सभी पहाड़ काफ़ी सुंदर दृश्य और एक एडवेंचर से भरपूर कहानी प्रस्तुत करते हैं।


 

खीरगंगा- तोष ट्रैक, हिमाचल प्रदेश

पिछले कुछ दिनों में, खीरगंगा ट्रैक काफ़ी लोकप्रिय और प्रसिद्ध हुआ है। यह ट्रैक गरम पानी की नदियों (सोता), संकरे बालु के पुल और देवदार के ख़ूबसूरत वृक्षों से घिरा हुआ है जिस कारण ये ट्रैक लवर्स और पहली बार ट्रैक पर जाने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित करके ख़ुद को उनकी पहली पसंद बनाता है।


 

भृगु झील ट्रक, हिमाचल प्रदेश

ये ट्रैक भारत के सबसे ख़ूबसूरत और एडवेंचरस ट्रैक्स में से एक है जो कि गर्म पानी की नदियों (सोता), सेब के बगीचों, और देवदार और चीड़ के घने जंगलों से सुसज्जित है। मनाली से रोहतांग की सीमा रेखा में पाया जाने वाला एक छोटा सा गाँव “गुलाबा” इस ट्रैक का प्रारंभिक बिंदु है, इसलिए, हम स्थानीय गाँव के जीवन का थोड़ा बहुत आनंद ले सकते हैं। आप मई से अक्टूबर के महीनों के बीच कभी भी इस ट्रैक पर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं।


 

स्पीति घाटी ट्रैक, हिमाचल प्रदेश

स्पीति घाटी को भारत के सबसे चैलेंजिंग और ख़ूबसूरत ट्रैक्स में से एक माना जाता है। यहाँ के सभी पर्वत बर्फ़ से ढके हुए रहते हैं जो कि इस ट्रैक के ख़ूबसूरत दृश्यों की यादों में इज़ाफ़ा करते हैं। इस प्रकृति के अलावा, यहाँ पर बहुत से मठ भी हैं जिन्हें कि कोई भी ट्रैकिंग के दौरान विज़िट कर सकता है।


 

बीसकुंड ट्रैक, हिमाचल प्रदेश

मनाली के नज़दीक स्थित सोलांग नाला इस ट्रैक का प्रारंभिक बिन्दु है। ये विज़िटर्स को बर्फ़ की झील के ऊपर ट्रैकिंग करने का अनुभव ऑफ़र करता है। बीस कुंड को बीस नदी का असली उद्गम स्थल माना जाता है और ये 3650 मीटर की ऊँचाई पर बहती है।


 

डोडी ताल ट्रैक, उत्तराखंड

कुछ मिथ्याकारों का मानना है कि भगवान गणेश का जन्म डोडी ताल के निकट किसी स्थान पर हुआ था। हालाँकि,ये सिर्फ़ एक मिथ्य से ज़्यादा कुछ नहीं है। ये ट्रैक लगभग 22 किलोमीटर तक का है जो कि प्रिस्टीन झील से घिरा हुआ है। कृपया इस बात पर ध्यान दें कि ये ट्रैक जुलाई और अगस्त के महीने में बंद रहता है।

इन सभी ट्रैक्स की सबसे ख़ास बात ये है कि ये सारे ट्रैक्स 3-5 दिन के हैं जो कि आपको एक लाजवाब ट्रैकिंग एक्सपीरियंस प्रदान करते हैं। इसलिए, इनमें से किसी भी ट्रैक पर भी जाने की प्लानिंग आप अपने लंबे वीकेंड्स पर कर सकते हैं।